विश्व स्वास्थ्य संगठन दिल्ली की टीम ने फाईलेरिया रोधी सर्वजन दवा सेवन (एमडीए) अभियान की अभी तक की प्रगति पर संतुष्टि जाहिर की- फाईलेरिया की दवा पूर्ण सुरक्षित

Hemkumar Banjare
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राजनांदगांव । गाँव की किसान खबरें  

जिले में फाईलेरिया पर नियंत्रण को लेकर 10 से 28 फरवरी 2024 तक राष्ट्रीय फाईलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम अंतर्गत सामूहिक दवा सेवन कार्यक्रम चलाया जा रहा है। फाईलेरिया (हाथी पांव) जैसे गंभीर बीमारी से बचाव के लिए (2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों एवं गर्भवती माताओं तथा गंभीर बीमार व्यक्ति को छोड़कर) फाईलेरिया से बचाव की दवा खिलाई रही है। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने जिले के सभी नागरिकों से घर के सदस्यों एवं पड़ोसियों को फाइलेरिया की दवा का सेवन करने के लिए प्रेरित करने की अपील की है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा अभियान को सफल बनाने के लिए आवश्यक तैयारियां की गई है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के कार्यकर्ताओं को दवा के सेवन से मना करने वाले परिवारों को समझाने एवं अभियान की जानकारी देने कहा है तथा संबंधित विभागों को आपसी समन्वय एवं सहयोग करने के निर्देश दिए है।

  मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक बसोड़ ने बताया कि फाईलेरिया पर नियंत्रण कार्यक्रम के तहत 10 से 15 फरवरी 2024 तक आंगनबाड़ी, स्कूल, कॉलेज एवं विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में बूथ लगाकर दवा सेवन कराया जा चुका है। जिसमे कुल जनसंख्या का लगभग 64 प्रतिशत नागरिकों ने बूथ में स्वयं आकर दवा सेवन किया है। 16 से 24 फरवरी 2024 तक ड्रग एडमिनिस्ट्रेटर द्वारा समुदाय स्तर पर गृह भेंट कर दवा सेवन कराया जा रहा है। जिसमे अब तक घर-घर भ्रमण में 20 प्रतिशत नागरिकों को द्वारा सेवन कराया गया है। अब तक कुल बूथ एवं घर-घर भ्रमण में 84 प्रतिशत नागरिकों ने दवा सेवन कर कर लिया है। 26 से 28 फरवरी 2024 तक छूटे हुए लाभार्थियों को मॉप-अप राऊंड अंतर्गत दवा का सेवन कराया जाएगा। 10 से 28 फरवरी 2024 तक सभी स्वास्थ्य संस्थानों में एमडीए कार्नर में लाभार्थियों को दवा सेवन कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह दवा अंतर्राष्ट्रीय मानकों पर बनी हैं और पूरी तरह सुरक्षित है। दवा जब अपना कार्य शुरू करती है, तो कुछ देर के लिए जी मितलाना, सर दर्द या चक्कर आना जैसी प्रतिक्रिया स्वाभाविक है, जो कुछ ही दे में स्वत: समाप्त हो जाती है। यह दवा के सकारात्मक प्रभाव है एवं यह परजीवी के मरने के शुभ संकेत है। उन्होंने बताया कि अभियान में अभी तक ऐसा कोई भी गंभीर मामला सामने नहीं आया है एवं दवा के सेवन के लिए जनसामान्य में जागरूकता है।
फाईलेरिया पर नियंत्रण कार्यक्रम अंतर्गत जिले में चल रहे दवा सेवन कार्यक्रम का निरीक्षण डब्ल्यूएचओ दिल्ली की टीम द्वारा किया गया। जिसमें संयुक्त निदेशक एनव्हीबीडीसीपी भारत सरकार डॉ. छवि पन्त जोशी, सलाहकार तकनीकी सहायता इकाई एनव्हीबीडीसीपी भारत सरकार डॉ. अतुल मित्तल, प्रतिनिधि डब्ल्यूएचओ डॉ. राजेंद्र सिंह, राज्य कार्यालय से राज्य सलाहकार डॉ. चिन्मय दास  एवं राज्य सलाहकार पीसीआई श्री मुमताज अंसारी शामिल थे। निरीक्षण के दौरान टीम द्वारा जिले कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए बधाई दी गई और कार्य की सराहना की गई। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने जिला स्तर से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक बसोड, जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. भूमिका वर्मा , जिला सलाहकार श्रीमती संगीता पाण्डेय और वीडियो काफ्रेंसिंग के माध्यम से जिला तथा विकासखंड डोंगरगढ़ एवं डोंगरगांव के स्वास्थ्य विभाग की टीम को प्रोत्साहित करते हुए उनके द्वारा कार्यक्रम के सफल संचालन हेतु बधाई दी।

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