कांग्रेस सरकार की असफलता, अक्षमता और निष्क्रियता की कहानी बयान करती सीएम की चिट्ठी: मधु

Hemkumar Banjare
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राजनांदगांव । पूर्व सांसद एवं प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष मधुसूदन यादव ने सीएम बघेल द्वारा नेता प्रतिपक्ष चंदेल को लिखे एक पत्र को शर्मनाक एवं छत्तीसगढ़ के इतिहास के लिये दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताते हुए कहा है कि प्रदेश के इतिहास में पहली बार किसी मुख्यमंत्री का खुद पर से एवं अपने पार्टी रणनीतिकारों पर से इतना भरोसा उठ गया है कि वह साढ़े चार साल की लंबी अवधि में भी सत्तासीन रहने के बावजूद, प्रदेश के हित से जुड़े कई मुद्दो का व्यापक हल ढॅूढने में विफल रहे हैं और आगामी चुनाव से पहले इन मुद्दो से पीछा छुड़ाने की जुगत में वो नेता प्रतिपक्ष को पत्र लिखकर कन्द्रीय हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं। भाजपा नेता मधु ने मुख्यमंत्री पर कटाक्ष करते हुए कहा है कि छत्तीसगढ़ के भाजपा विधायकों के दल की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से प्रस्तावित मुलाकात से पहले ही मुख्यमंत्री भूपेश बघेल प्रदेश के बेकाबू हालातों से इतने भयभीत हो गये है कि उनके माथे पर चिन्ता की लकीरे उभरने लगी हैं और उन्होंने नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल को पत्र लिखकर अपील भी कर दी है कि वे पीएम मोदी से मुलाकात में प्रदेेश क 11 मुद्दों पर भी चर्चा करें। भाजपा नेता मधुसूदन ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा लिखित इस चिटठी को एक डरे हुए मुख्यमंत्री का अपने जिम्मेदारी से बचने का कायरतापूर्ण कृत्य बताया है।  भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष मधु ने आगे कहा है कि मुख्यमंत्री बघेल द्वारा लिखे इस पत्र से जनता के सामने यह बात साफ हो गई है कि छत्तीसगढ़ में भूपेश राज में हालात बेहद चिन्ताजनक है और वर्तमान परिस्थितियॉ मुख्यमंत्री एवं उनकी पार्टी के नियंत्रण से बाहर है, जिसके कारण विवश होेंकर सत्ता के नशे में डूबे हुए मुख्यमंत्री को अब नेता प्रतिपक्ष को पत्र लिखकर केन्द्र शासन से मदद प्राप्त करने की गुहार लगानी पड़ रही है। इससे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा किये गये तमाम झूठी घोषणाएॅ एवं खोखले वायदों की पोल खुल गई है कि ये केवल वाहवाही लूटने के राजनैतिक स्टंट तक ही सीमित हैं, इनका जनहित एवं सामाजिक सरोकार से कोई लेनादेना नहीं है। प्रदेश की जनता भी यह बात अच्छी तरह समझ गयी है कि सीएम के किये गये वादे एवं घोषणाओं को राज्य सरकार, बिना केन्द्रीय सहायता के पूरा करने में असक्षम है। मधु ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर यह सबसे गंभीर आरोप लगाया कि केन्द्र शासन के सहमति के बिना केवल कागजी पत्राचार को आधार बनाकर तात्कालिक लाभ लेने के लिये भूपेश सरकार ने आननफानन में कई ऐसी बड़ी घोषणाएॅ कर दी हैं, जो अब राज्य शासन के गले में फंसी हुई हड्डी बन गई है, जिसे भूपेश सरकार ना निगल पा रही हैं, ना उगल पा रही हैं । वरिष्ठ भाजपा नेता मधु ने कटाक्ष करते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपनी चिट्ठी के माध्यम से जाने-अनजाने में प्रदेश की जनता को स्वयं अपने सत्तीसीन कांग्रेस सरकार की असफलता, अक्षमता और निष्क्रियता की कहानी बयान कर दी है। मुख्यमंत्री बघेल ने प्रदेश के जनहित से जुड़े 11 मुद्दों पर आत्मसमर्पण कर दिया है और अपनी कर्मण्यता को छिपाने के लिये नेता प्रतिपक्ष श्री चंदेल को प्रधानमंत्री से इन 11 विषयों पर चर्चा के लिये पत्र लिखकर इन मुद्दो से पल्ला झाड़ लिया है। मुख्यमंत्री ने अपने इस पत्र में भाजपा विधायकों पर आरोप लगाया है कि उन्होंने पिछले साढ़े चार साल में पीएम से मुलाकात का कोई प्रयास नहीं किया है, जिसे प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष मधुसूदन ने हास्यास्पद एवं उल्टा चोर कोतवाल को डॉटे कहावत को चरितार्थ करने वाला पैंतरा बतलाया है। प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष मुधू ने भूपेश नीत कांग्रेस सरकार पर कटाक्ष करते हुए पूछा है कांग्रेस पार्टी को यह बात भी जनता को बतानी चाहिये की जब सन् 2004 से 2014 तक छत्तीसगढ में भाजपा सत्तासीन थी और केन्द्र में कांग्रेस नीत यूपीए सरकार सत्तारूढ़ थी, तब प्रदेश के कांग्रेसी नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने कब-कब, किन-किन केन्द्रीय मंत्रियों से मिलकर प्रदेश की जनता के हित से जुड़े किन-किन विषयों पर समाधान प्राप्त करने में सफलता पाई हैे ? इसके ठीक उलट विगत साढ़े चार वर्षो में पीएम मोदी सहित कई केन्द्रीय मंत्रीगण छत्तीसगढ़ में विभिन्न शासकीय समारोहों एवं भाजपा संगठन के कार्यक्रमों में प्रदेश की जनता के बीच उपस्थित होते रहे हैं और प्रदेश के भाजपा नेताओ के विमर्श पर इस प्रदेश में जनकल्याण की विभिन्न केन्द्रीय योजनाओं से जनता को लाभान्वित भी करते रहे हैं, जिसका लाभ आने वाले चुनाव में भाजपा को अवश्य मिलेगा ।

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