राहुल गांधी के विरुद्ध कार्रवाई मोदी सरकार की तानाशाही का परिचायक:कांग्रेस व्यापार प्रकोष्ठ

Hemkumar Banjare
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राजनांदगांव। जिला कांग्रेस कमेटी व्यापार प्रकोष्ठ के अध्यक्ष सैय्यद अफज़ल अली ने केन्द्र सरकार द्वारा राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता रद्द किए जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए एक बयान जारी कर कहा कि कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के विरुद्ध की गई कार्रवाई मोदी सरकार की तानाशाही का परिचायक है।

 सैय्यद अफज़ल ने कहा की केंद्र सरकार ने कानून को ताक पर रखकर आनन-फानन में राहुल गांधी की सदस्यता रद्द कर अपनी मंशा जता दी है। यह लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन है। इससे भाजपा का चाल, चेहरा और चरित्र उजागर हो गया है गरीब,किसान,मजदूर ,बेरोजगार,मध्यम,व्यापारी,कमजोर-पीड़ितों-पिछड़ों वंचितों की आवाज।
राहुल गांधी जी की लोकसभा सदस्यता खत्म करना भाजपा द्वारा तानाशाही का एक और उदाहरण है।
राहुल गांधी जी देश की आवाज हैं, राहुल जी हर बेरोजगार युवा, महिला, समाज के हर वंचित वर्ग की आवाज हैं जो इस तानाशाही के खिलाफ अब और मजबूत होगी। इस देश को और लोकतंत्र को बचाने की उनकी लड़ाई किसी भी क़ीमत पर जारी रहेगी।
तानाशाही चरम पर है और लोकतंत्र व सविंधान की निर्मम हत्या की जा चुकी है। एक व्यक्ति जो सच्चाई की शक्ति के साथ इन ताकतों के खिलाफ लड़ रहा है उसके खिलाफ पूरी सरकार व मशीनरी खड़ी है। आज हर सच्चा भारतीय राहुल गांधी जी के साथ खड़ा है।
सैय्यद अफ़ज़ल ने कहा कि केंद्र सरकार का यह कृत्य अलोकतांत्रिक है। जनप्रतिनिधियों और जनता के मौलिक अधिकारों का हनन है। कांग्रेस पार्टी स्वच्छ संसदीय राजनीति में विश्वास रखती है और लोकतांत्रिक मर्यादाओं को बनाए रखने के लिए कृतसंकल्पित है।उन्होंने कहा कि केंद्र की भाजपानीत सरकार द्वारा राहुल गांधी के लोकसभा की सदस्यता रद्द किया जाना लोकतंत्र का गला घोंटने के समान है। यह कार्रवाई घोर निंदनीय है। भारतीय लोकतंत्र के लिए ये एक शर्मनाक दिन है।
राहुल गांधी जी की सदस्यता समाप्त करके भाजपा ये न समझे कि जनता की आवाज़ उठाने से उनको रोक देगी।
हम जनता के लिए, सच के लिए आवाज़ उठाते रहेंगे।
कांग्रेस व्यापार प्रकोष्ठ ने केन्द्र सरकार के इस निर्णय की तीव्र भर्त्सना की।

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