सेवा संकल्प अभियान के तहत जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र राजनांदगांव द्वारा शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान राजनांदगांव में सेवा फस्र्ट इनोवेशन चैलेंज के तहत विशेष मार्गदर्शन एवं जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र श्री मितेश दुगे ने शासन द्वारा जिले में स्टार्टअप, नवाचार एवं उद्यमिता के लिए सक्षम वातावरण एवं मजबूत इकोसिस्टम विकसित के लिए किए जा रहे प्रयासों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को सेवा फस्र्ट इनोवेशन चैलेंज में अधिक से अधिक सहभागिता करने की अपील की। प्रबंधक श्री सतविंदर सिंह भाटिया ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना, स्टैंड-अप इंडिया योजना सहित अन्य योजनाओं तथा छत्तीसगढ़ औद्योगिक नीति के महत्वपूर्ण प्रावधानों की जानकारी दी। सुश्री साक्षी वर्मा ने छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति, राज्य के स्टार्टअप इकोसिस्टम सहित उपलब्ध सहयोग की जानकारी दी। उन्होंने युवाओं से अपने आसपास की समस्याओं को पहचानकर उनके नवाचारी समाधान विकसित करने और स्टैंड-अप छत्तीसगढ़ के विशेषज्ञों एवं मेंटर्स से अपने विचारों का मार्गदर्शन प्राप्त करने का आग्रह किया। स्टार्टअप मेंटर एवं सीईओ सीजीएस नेटवर्क श्री उमेश महिलानी ने सेवा फस्र्ट इनोवेशन चैलेंज को विद्यार्थियों, युवाओं, स्टार्टअप एवं नवाचारियों के लिए अपने विचारों को वास्तविक समाधान में बदलने का अवसर बताया।
विशेष मार्गदर्शन एवं जागरूकता सत्र प्रशिक्षणार्थिंयों को समस्या की पहचान, विचार सृजन, नवाचार से उद्यम व स्टार्टअप तक की यात्रा तथा आइडिया पिचिंग के संबंध में व्यावहारिक मार्गदर्शन दिया गया। विभिन्न समूहों ने अपने नए एवं मौजूदा विचारों को स्टार्टअप एवं व्यवसायिक विचारों के रूप में प्रस्तुत किया। सत्र में युवाओं ने अपने विचारों को व्यक्त किए तथा उद्यमिता एवं स्टार्टअप को अपने वैकल्पिक केरियर विकल्प के रूप में अपनाने में रूचि व्यक्त की। इसके साथ ही विद्यार्थियों एवं फैकल्टी ने उद्यमिता कौशल विकास कार्यक्रम के साथ एआई, रोबोटिक्स, ड्रोन तकनीक, पारस्परिक कौशल एवं सॉफ्ट स्किल्स प्रशिक्षण में भी रूचि दिखाई। इस अवसर पर आईटीआई के प्राचार्य, अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में प्रशिक्षणार्थी उपस्थित थे।
विशेष मार्गदर्शन एवं जागरूकता सत्र प्रशिक्षणार्थिंयों को समस्या की पहचान, विचार सृजन, नवाचार से उद्यम व स्टार्टअप तक की यात्रा तथा आइडिया पिचिंग के संबंध में व्यावहारिक मार्गदर्शन दिया गया। विभिन्न समूहों ने अपने नए एवं मौजूदा विचारों को स्टार्टअप एवं व्यवसायिक विचारों के रूप में प्रस्तुत किया। सत्र में युवाओं ने अपने विचारों को व्यक्त किए तथा उद्यमिता एवं स्टार्टअप को अपने वैकल्पिक केरियर विकल्प के रूप में अपनाने में रूचि व्यक्त की। इसके साथ ही विद्यार्थियों एवं फैकल्टी ने उद्यमिता कौशल विकास कार्यक्रम के साथ एआई, रोबोटिक्स, ड्रोन तकनीक, पारस्परिक कौशल एवं सॉफ्ट स्किल्स प्रशिक्षण में भी रूचि दिखाई। इस अवसर पर आईटीआई के प्राचार्य, अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में प्रशिक्षणार्थी उपस्थित थे।