कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव की अध्यक्षता में कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला फाइलेरिया टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर ने जिले में फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम की प्रगति एवं 10 से 25 फरवरी तक चलने वाले ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) अभियान की तैयारी के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने एमडीएम एमडीएम अभियान के तहत शत-प्रतिशत पात्र व्यक्तियों को दवा उपलब्ध कराने तथा दवा का सेवन सुनिश्चित कराने कहा। इसके लिए सभी अंतरविभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आपसी समन्वय एवं सक्रिय सहभागिता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने एमडीएम अभियान के दौरान जनजागरूकता गतिविधियां संचालित करने कहा। कलेक्टर ने नागरिकों से स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा दी जाने वाली फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन करने तथा जिले को फाईलेरिया मुक्त बनाने में सहयोग प्रदान करने की अपील की।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सह जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया कि ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) अभियान के तहत 10 से 12 फरवरी तक आंगनबाड़ी केन्द्र, शैक्षणिक संस्था, रेलवे स्टेशन, बस स्टंैड, हाथ बाजार में बूथ लगाकर दवा सेवन कराया जाएगा। 13 से 22 फरवरी तक स्वास्थ्य अमला द्वारा घर-घर भ्रमण कर दवा सेवन करायी जाएगी। 23 से 25 फरवरी तक मॉप-अप चक्र- छूटे हुए जनसंख्या को दवा सेवन कराया जाएगा। साथ ही 10 से 25 फरवरी तक स्वास्थ्य संस्थाओं में ओपीडी के पास बूथ लगाकर दवा सेवन कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि फाइलेरिया रोग एक दीर्घकालिक एवं अपंगता उत्पन्न करने वाली बीमारी है, जिसे एमडीए कार्यक्रम अंतर्गत नियमित दवा सेवन से प्रभावी रूप से रोका जा सकता है। उन्होंने बताया कि एमडीए अभियान अंतर्गत दी जाने वाली दवाएं सुरक्षित प्रभावी एवं विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा अनुशंसित हैं। एमडीए की दवा लेने के बाद कभी-कभी हल्का बुखार, सिरदर्द, मतली, थकान या बेचैनी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ये लक्षण दवा के असर करने या शरीर में मौजूद माइक्रोफाइलेरिया के नष्ट होने के कारण होते हैं और सामान्यत: कुछ ही समय में अपने आप ठीक हो जाते हैं, इससे घबराने की आवश्यकता नहीं है।
बैठक में जिले में फाइलेरिया उन्मूलन हेतु किए गए प्रयासों पर आधारित पुस्तक टुवड्र्स एलिमिनेशन ऑफ लिम्फाटिक फिलरिसिस-राजनांदगांव का विमोचन किया गया। पुस्तक में नाइट ब्लड सर्वे माइक्रोफाइलेरिया दर में आई गिरावट, एमडीए अभियान की रणनीति, उच्च दवा सेवन कवरेज तथा मैदानी स्तर पर किए गए कार्यों का विस्तृत एवं तथ्यात्मक विवरण प्रस्तुत किया गया है। इस अवसर पर वन मंडलाधिकारी श्री आयुष जैन, अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर श्री प्रेम प्रकाश शर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा, एसडीएम श्री गौतम पाटिल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सह जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया कि ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) अभियान के तहत 10 से 12 फरवरी तक आंगनबाड़ी केन्द्र, शैक्षणिक संस्था, रेलवे स्टेशन, बस स्टंैड, हाथ बाजार में बूथ लगाकर दवा सेवन कराया जाएगा। 13 से 22 फरवरी तक स्वास्थ्य अमला द्वारा घर-घर भ्रमण कर दवा सेवन करायी जाएगी। 23 से 25 फरवरी तक मॉप-अप चक्र- छूटे हुए जनसंख्या को दवा सेवन कराया जाएगा। साथ ही 10 से 25 फरवरी तक स्वास्थ्य संस्थाओं में ओपीडी के पास बूथ लगाकर दवा सेवन कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि फाइलेरिया रोग एक दीर्घकालिक एवं अपंगता उत्पन्न करने वाली बीमारी है, जिसे एमडीए कार्यक्रम अंतर्गत नियमित दवा सेवन से प्रभावी रूप से रोका जा सकता है। उन्होंने बताया कि एमडीए अभियान अंतर्गत दी जाने वाली दवाएं सुरक्षित प्रभावी एवं विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा अनुशंसित हैं। एमडीए की दवा लेने के बाद कभी-कभी हल्का बुखार, सिरदर्द, मतली, थकान या बेचैनी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ये लक्षण दवा के असर करने या शरीर में मौजूद माइक्रोफाइलेरिया के नष्ट होने के कारण होते हैं और सामान्यत: कुछ ही समय में अपने आप ठीक हो जाते हैं, इससे घबराने की आवश्यकता नहीं है।
बैठक में जिले में फाइलेरिया उन्मूलन हेतु किए गए प्रयासों पर आधारित पुस्तक टुवड्र्स एलिमिनेशन ऑफ लिम्फाटिक फिलरिसिस-राजनांदगांव का विमोचन किया गया। पुस्तक में नाइट ब्लड सर्वे माइक्रोफाइलेरिया दर में आई गिरावट, एमडीए अभियान की रणनीति, उच्च दवा सेवन कवरेज तथा मैदानी स्तर पर किए गए कार्यों का विस्तृत एवं तथ्यात्मक विवरण प्रस्तुत किया गया है। इस अवसर पर वन मंडलाधिकारी श्री आयुष जैन, अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर श्री प्रेम प्रकाश शर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा, एसडीएम श्री गौतम पाटिल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।