100 करोड़ के बंगले वाली काजल झा कौन है? गैंगस्टर रवि काना से है खास कनेक्शन

Hemkumar Banjare
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नई दिल्ली : दिल्ली के फ्रेंड्स कॉलोनी इलाके में गुरुवार को अचानक नोएडा पुलिस पहुंच जाती है। यहां एक बंगले के सामने टीम आकर रुकती है। पुलिस यहां किसी को गिरफ्तार करने के आई थी। पुलिस को जिसकी तलाश होती है उसे इसकी भनक लग चुकी होती है। ऐसे में पुलिस बंगले को सील कर देती है। जब यह खबर फैलती है तो पता लगता है कि बंगले को सील करने की कार्रवाई का गैंगस्टर रवि काना से कनेक्शन हैं। इस मामले में ही नोएडा पुलिस की तरफ से यह कार्रवाई की गई है। खबर आती है कि जिस बंगले को सील किया गया है उसकी कीमत 100 करोड़ रुपये के करीब है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर इस बंगले का मालिक कौन है। पता लगता है कि यह बंगला काजल झा नाम की महिला के नाम है। अब एक और सवाल उठता है कि आखिर यह काजल झा कौन है? गैंगस्टर रवि काना से इसका क्या कनेक्शन है? कौन है काजल झा? एक लड़की काम की तलाश में दिल्ली पहुंचती है। काम खोजते-खोजते उसकी मुलाकात रविंद्र नागर उर्फ रवि काना नाम के शख्स से होती है। यह शख्स रबड़ और कबाड़ के कारोबार से जुड़ा होता है। धीरे-धीरे राजेंद्र और काजल की नजदीकियां बढ़ती हैं। ये दोनों एक दूसरे के करीब आ जाते हैं। यह मेलजोल प्यार में बदल जाता है। लोग उसे राजेंद्र की गर्लफ्रेंड के रूप में जानने लग जाते हैं। राजेंद्र नागर रबड़ और स्क्रैप का कारोबार करते-करते गैंग बना लेता है। इसके साथ ही वह गैरकानूनी धंधे में उतर जाता है। धीरे-धीरे पुलिस उसकी तलाश में जुट जाती है। अवैध कारोबार करते हुए वो पुलिस की वांटेंड की लिस्ट में आ जाता है। गिफ्ट में 100 करोड़ का बंगला काजल धीरे-धीरे गैंगस्टर के अवैध धंधे से भी जुड़ जाती है। धीरे-धीरे वो गैंग की अहम सदस्य बन जाती है। उसका काम मुख्य रूप से गैंग की सभी बेनामी संपत्तियों का ब्यौरा रखने और उन्हें संभालने का होता है। इस कड़ी में गैंगस्टर रवि काना काजल झा को साउथ दिल्ली के पॉश एरिया में एक बंगला गिफ्ट करता है। इस बंगले की कीमत करीब 100 करोड़ होती है। इससे पहले कि पुलिस ने इस बंगले पर छापा मारे काजल झा और उसके सहयोगी गिरफ्तारी से बचने के लिए वहां से फरार हो चुके थे। पुलिस ने बंगले को सील कर दिया था | कौन है गैंगस्टर रवि काना पुलिस के अनुसार, रवींद्र नागर उर्फ रवि काना 16 सदस्यों के साथ एक गिरोह चलाता है। ये लोग सरिया और स्क्रैप सामग्री की अवैध खरीद और बिक्री में शामिल है। काना पहले एक स्क्रैप डीलर था। इसके बाद कथित तौर पर दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में कारोबारियों से जबरन वसूली के बाद स्क्रैप सामग्री को अवैध रूप से हासिल करने और बेचने के लिए एक गिरोह बनाने के बाद करोड़पति बन गया। रवि काना ग्रेटर नोएडा के एक अन्य गैंगस्टर हरेंद्र प्रधान का भाई है। हरेंद्र प्रधान को, 2014 में एक प्रतिद्वंद्वी गिरोह ने मार डाला था। उसकी मृत्यु के बाद, रवि काना ने बागडोर संभाली। जान से मारने की धमकी मिलने के बाद उन्हें पुलिस सुरक्षा भी मुहैया करायी गई थी। एक वायरल वीडियो में, काना को कई पुलिसकर्मियों के साथ एक शादी समारोह में जाते देखा जा सकता है। गैंगस्टर के खिलाफ 11 केस गैंगस्टर और उसके सहयोगियों के खिलाफ अपहरण और चोरी के आरोप सहित अब तक 11 मामले दर्ज किए गए हैं। गिरोह के छह सदस्यों को अब तक गिरफ्तार किया जा चुका है। ग्रेटर नोएडा और नोएडा में गिरोह की तरफ से इस्तेमाल किए जाने वाले कई स्क्रैप गोदामों पर छापा मारा गया। इसके बाद उन्हें सील कर दिया गया। गैंगस्टर फिलहाल अपनी प्रेमिका और गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ फरार है।

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