विश्व रैबीज दिवस पर जिला चिकित्सालय बसंतपुर में स्ट्रॉन्गर टुगेदर थीम पर प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। मास्टर ट्रेनर एवं चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रविश शर्मा द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के चिकित्सा अधिकारियों, ग्रामीण चिकित्सा सहायक एवं स्टॉफ नर्स को रैबीज से बचाव एवं उपचार के संबंध में प्रशिक्षण किया गया। प्रशिक्षण में बताया गया कि रेबीज एक जानलेवा बीमारी है, जिसका बचाव पूर्णत: संभव है। रेबीज कुत्ते, बिल्ली, बंदर सहित अन्य जानवरों के काटने या खरोचने के कारण हो सकता है। प्रशिक्षण में बताया गया कि जानवरों के काटने या खरोचने पर घाव को साबुन और बहते साफ पानी से तुरंत धोएं व स्प्रिट व अल्कोहल या घरेलू एंटीसेप्टिक का इस्तेमाल करें। घाव पर मिर्च, सरसो का तेल कोई अन्य पदार्थ नहीं लागाएं और अंधविश्वास से बचें। एंटी रेबीज क्लीनिक में जाएं और चिकित्सक से परामर्श अनुसार टीकाकरण का कोर्स पूरा करें। समय-समय पर पालतू जानवरों का टीकाकरण करवाएं। प्रशिक्षण में शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय राजनांदगांव से एसोसिएट प्रोफेसर एमडी मेडिसिन डॉ. प्रकाश खूंटे ने प्रशिक्षणार्थियों का स्पेशल सेशन लेते हुए रैबीज से बचाव, उपचार की जटिलताओं, वैक्सीनेशन, ट्रीटमेंट पर चर्चा की और अनुभव साझा किया। प्रशिक्षण में आईडीएसपी टीम से जिला माइक्रोबायोलॉजिस्ट डॉ. वंदना कोसरिया, जिला डाटा मैनेजर श्री अखिलेश नारायण सिंह, सेकेट्रियल असिस्टेंट श्री हेमंत साहू, श्री हेमंत यादव, श्री मनीष निमजे सहित प्रशिक्षणार्थी उपस्थित थे।
विश्व रैबीज दिवस पर प्रशिक्षण आयोजित
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9/28/2026 09:28:00 pm
राजनांदगांव । गांव की किसान खबरें
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