संभागायुक्त श्री राठौर ने न्यायालयीन आदेश पारित कर अपराधी को केन्द्रीय जेल दुर्ग में निरूद्ध करने दिये आदेश

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दुर्ग। गांव की किसान खबरें 
दुर्ग संभाग के आयुक्त श्री सत्यनारायण राठौर ने पुलिस अधीक्षक खैरागढ़-गंडई-छुईखदान के प्रतिवेदन पर स्वापक, औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अवैध व्यापार, निवारण अधिनियम-1988 की धारा-3 सहपठित धारा-11 के तहत न्यायालयीन आदेश पारित कर आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त श्रीमती मेहरून निशा पति ईस्माईल खान निवासी वार्ड-08, माहरापारा थाना गंडई जिला खैरागढ़-गंडई-छुईखदान को 03 माह के लिए केन्द्रीय जेल दुर्ग में निरूद्ध करने आदेशित किया है। आदेश पारित करने के पूर्व संभाग आयुक्त द्वारा न्यायालय में प्रस्तुत जवाब/तर्क, न्याय दृष्टांतों एवं शपथपूर्वक कथन का अध्ययन कर उस पर मनन किया गया। प्रकरण में प्रस्तुत ईश्तगासा मय दस्तावेजों का अवलोकन किया गया है। तथ्य के अनुसार श्रीमती मेहरून निशा पति ईस्माईल खान के विरूद्ध नारकोटिक्स एक्ट के 02 मामले दर्ज कर कार्यवाही की गई है। जिसमें अपराध क्रमांक 105/2023 एवं 190/2025 वर्तमान में माननीय न्यायालय में विचाराधीन है। अनावेदिका जमानत पर जेल से छूट जाने के पश्चात् लगातार मादक पदार्थ में खरीदी-बिक्री में संलप्ति रही है तथा उसकी प्रवृत्ति में कोई सुधार नहीं हुई है। वर्तमान में भी अनावेदिका के विरूद्ध गांजा सहित अन्य मादक पदार्थ बेचने की शिकायते लगातार मिलती रही है। स्वतंत्र साक्षी के शपथपूर्वक बयान में भी अनावेदिका द्वारा जेल से छूटने के बाद पुनः मादक पदार्थ विक्रय करने में संलिप्त रहने का तथ्य प्रकाश में आया है। जमानत पर न्यायालय से छूट जाने से उसका मनोबल बढ़ता जा रहा है। उनकी आपराधिक गतिविधियों से समाज में रहने से विपरीत प्रभाव पड़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसी स्थिति में प्रकरण में आये प्रतिवेदन, जवाब, साक्षियों के बयान एवं तर्क के आधार पर उसे जेल में निरूद्ध किया जाना आवश्यक है।
ज्ञात हो कि पुलिस अधीक्षक खैरागढ़-गंडई-छुईखदान के प्रतिवेदन के अनुसार अनावेदिका के द्वारा अपने घर में अवैध रूप से मादक पदार्थ रखकर बिक्री करने की अपराध में वर्ष 2023 से लिप्त है। अनावेदिका अपने घर में अवैध मादक गांजा की बिक्री करते पकड़े जाने के बाद भी पुनः लगातार अवैध मादक पदार्थ गांजा की बिक्री कर रही है। अपराध में संलिप्त होने पर वर्ष 2025 से अनावेदिका के विरूद्ध थाना गंडई में अपराध क्रमांक 190/225 धारा-20बी एनडीपीएस एक्ट पंजीबद्ध कर गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया था जिसे माननीय न्यायालय द्वारा जमानत पर छोड़ा गया है। प्रकरण विवेचना में लंबित है।  संभागायुक्त श्री राठौर ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए 09 फरवरी 2026 को न्यायालयीन आदेश पारित कर अपराधिक प्रवृत्ति में संलिप्त श्रीमती मेहरून निशा को निरूद्ध किये जाने की तिथि से तीन माह तक की अवधि के लिए केन्द्रीय जेल दुर्ग में निरूद्ध करने के आदेश दिये हैं।