जिले में बढ़ती ठंड और शीतलहर की स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने आमजन की स्वास्थ्य और सुरक्षा को देखते हुए एडवाइजरी जारी की है।
विभाग ने बताया कि तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है जिससे खासकर बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमारियों से ग्रसित लोगों में स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ गए हैं। सीएमएचओ डॉ. विजय कुमार खोबरागडे ने सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों और उपस्वास्थ्य केन्द्रों को शीतलहर से संबंधित बीमारियों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि जरूरतमंद मरीजों को त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा सकें।
जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि लोग सुबह और शाम के समय अनावश्यक बाहर निकलने से बचें और खुद को गर्म कपड़ों, मफलर, टोपी और मोजों से ढककर रखें। बच्चों और बुजुर्गों को ठंडी हवाओं के बीच बाहर जाने से रोका जाए और शरीर को गर्म रखने के लिए सूप, चाय, गर्म पानी और हल्के गर्म भोजन का सेवन करें। अगर किसी को सर्दी, खांसी, सांस लेने में तकलीफ, बुखार या निमोनिया जैसे लक्षण दिखाई दें तो उसे नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में तुरंत जांच करानी चाहिए। खुली आग या अंगीठी का उपयोग करते समय सावधानी बरतें और कमरे में उचित वेंटिलेशन बनाए रखें ताकि कार्बन मोनोऑक्साइड के खतरे से बचा जा सके। साथ ही बेघर और जरूरतमंद लोगों को स्थानीय प्रशासन द्वारा संचालित रैनबसेरों में ठहरने की सलाह दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे शीतलहर के दौरान विशेष सावधानी बरतें और किसी भी आपात स्थिति में 108 एंबुलेंस सेवा या नजदीकी स्वास्थ्य संस्था से तत्काल संपर्क करें। इसके अतिरिक्त विभाग ने कार्यकर्ताओं को समुदाय में जागरूकता फैलाने और विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों के घरों में जाकर स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी लेने और जोखिम वाले व्यक्तियों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि लोग सुबह और शाम के समय अनावश्यक बाहर निकलने से बचें और खुद को गर्म कपड़ों, मफलर, टोपी और मोजों से ढककर रखें। बच्चों और बुजुर्गों को ठंडी हवाओं के बीच बाहर जाने से रोका जाए और शरीर को गर्म रखने के लिए सूप, चाय, गर्म पानी और हल्के गर्म भोजन का सेवन करें। अगर किसी को सर्दी, खांसी, सांस लेने में तकलीफ, बुखार या निमोनिया जैसे लक्षण दिखाई दें तो उसे नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में तुरंत जांच करानी चाहिए। खुली आग या अंगीठी का उपयोग करते समय सावधानी बरतें और कमरे में उचित वेंटिलेशन बनाए रखें ताकि कार्बन मोनोऑक्साइड के खतरे से बचा जा सके। साथ ही बेघर और जरूरतमंद लोगों को स्थानीय प्रशासन द्वारा संचालित रैनबसेरों में ठहरने की सलाह दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे शीतलहर के दौरान विशेष सावधानी बरतें और किसी भी आपात स्थिति में 108 एंबुलेंस सेवा या नजदीकी स्वास्थ्य संस्था से तत्काल संपर्क करें। इसके अतिरिक्त विभाग ने कार्यकर्ताओं को समुदाय में जागरूकता फैलाने और विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों के घरों में जाकर स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी लेने और जोखिम वाले व्यक्तियों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
