कमियां पाये जाने पर कारण बताओ नोटिस एवं जप्ती सुपुर्दगी की कार्रवाई की गई

Hemkumar Banjare
By -
राजनांदगांव । गांव की किसान खबरें 
जिले में किसानों द्वारा खरीफ फसलों की बोनी लगातार की जा रही है। वर्षा भी इस वर्ष खेती किसानी के अनुकुल हो रही है, जिससे किसानों में अच्छे उत्पादन के साथ समय पर सुनिश्चित आय के प्रति आस जगी है। कृषि विभाग द्वारा भी बेहतर मानसून को देखते हुए खरीफ क्षेत्राच्छादन हेतु 184445 हेक्टेयर का लक्ष्य तय किया गया है। अद्यतन रिपोटिंग अनुसार जिले में 131253 हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी कार्य संपन्न हो गया है। इसके साथ फसलों को समितियों के माध्यम से लगातार उपलब्धता अनुसार उर्वरकों का वितरण किया जा रहा है। किसान जो समितियों के सदस्य नहीं है, उर्वरक विक्रय केन्द्रों से खाद उर्वरक का उठाव कर रहे है, कृषकों को उच्च गुणवत्ता एवं निर्धारित दर पर ही उर्वरकों की आपूर्ति हो रही है।
कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने कृषि विभाग के अधिकारियों को लगातार विक्रय केन्द्रों में निगरानी हेतु मैदानी अमलों को तैनात करने तथा सतत निरीक्षण के साथ अनियमितता पाये जाने पर संबंधित मेसर्स के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिये गये हैं। जिसके परिपालन में उपसंचालक कृषि राजनांदगांव द्वारा जिले के उर्वरक निरीक्षकों का दल गठन कर निजी उर्वरक विक्रय केन्द्रों में औचक निरीक्षण करने निर्देश प्रसारित किया गया है। जिसके अंतर्गत जिले के सभी विकासखंड के निजी उर्वरक, कीटनाशक एवं बीज के विक्रय परिसर का निरीक्षण उर्वरक निरीक्षक द्वारा किया गया। जिसमें राजनांदगांव विकासखंड के कृष्णा काप केयर नया गंज मंडी के सामने, भारत कृषि केन्द्र पुराना गंज चौक, कोठारी कृषि केन्द्र पुराना गंज चौक एवं श्रीराम कृषि केन्द्र कुंआ चौक नंदई, नवीन एग्रोटेक देवादा, धीरज ट्रेडर्स पटेवा, चतुर्वेदी कृषि केन्द्र पटेवा का निरीक्षण किया गया है। निरीक्षण के दौरान कीटनाशक एवं उर्वरक विक्रेताओं को पंजी संधारण करने, श्रोत प्रमाण पत्र जोडऩे एवं कालातीत अवधि के कीटनाशक विक्रय पर रोक लगाई गई। विकासखंड डोगरगांव के उर्वरक निरीक्षक द्वारा सोनकर कृषि केन्द्र अर्जुनी, श्रीराम कृषि केन्द्र, गुरूदेव फर्टिलाईजर, सिन्हा कृषि केन्द्र रामपुर, शीतल कृषि केन्द्र रामपुर के विक्रय परिसर की जांच करने पर कमियां पाये जाने पर कारण बताओ नोटिस एवं जप्ती सुपुर्दगी की कार्रवाई की गई। इसी तारतम्य में विकासखंड छुरिया एवं डोगरगढ़ में उर्वरक बीज एवं कीटनाशक विक्रय परिसर का निरीक्षण किया गया एवं कारण बताओ नोटिस तथा जप्ति सुपुर्दगी की कार्रवाई की गई। कृषि विभाग द्वारा सभी अनुज्ञप्तिधारी निजी विक्रय केन्द्रों के संचालकों से कृषक हित में गुणवत्ता युक्त खाद व उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के निहित प्रावधानों के तहत ही उर्वरक व्यापार करते हुए निर्धारित मूल्य पर ही कृषकों को उर्वरक वितरण करने के निर्देश दिए है।

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