प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने किया केन्द्रीय जेल दुर्ग का निरीक्षण

Hemkumar Banjare
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दुर्ग। गांव की किसान खबरें 
 दुर्ग मुख्यालय स्थित केन्द्रीय जेल दुर्ग का प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश जिला दुर्ग द्वारा निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में उन्होंने बंदियों के परिजनों से मिलने हेतु बनाये गये मुलाकात कक्ष, जेल में संचालित लीगल एड क्लीनिक, प्रशासनिक प्रबंधन, बंदी कक्षों की स्थिति, उन्हें मिलने वाली सुविधाओं की गुणवत्ता, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष, पाकशाला और भोजन की गुणवत्ता का सूक्ष्म अवलोकन किया। उनके द्वारा नए आपराधिक विधियों के तहत बंदियों की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कराने पर जोर दिया गया, जेल पैरालीगल वालेंटियर से किए जाने वाले कार्यों एवं नव आगंतुक बंदियों को दिए जाने वाले विधिक जानकारी के संबंध में जानकारी ली गई। उन्होंने बंदियों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याओं को सुना और उनकी दैनिक दिनचर्या से संबंधित जानकारी प्राप्त की। नव आगंतुक बंदियों को उनके प्रकरण से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के विषय में बताया गया तथा जो बंदी निजी अधिवक्ता नियुक्त नहीं कर सकते हैं, उन्हें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा निःशुल्क विधिक सहायता सलाह प्रदान कर उनकी पैरवी हेतु निःशुल्क अधिवक्ता की नियुक्ति किए जाने की जानकारी दी गई। जेल प्रशासन को ऐसे बंदी जिन्हें परिहार का लाभ दिया जा सकता है, उनके आवेदन के लंबित रहने के कारणों सहित जानकारी प्राधिकरण को प्रेषित किए जाने हेतु निर्देशित किया गया। उन्होंने स्वच्छता का विशेष ध्यान देने पर जोर देते हुए जेल अधीक्षक को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि बंदियों को प्रदान की जाने वाली सभी मौलिक सुविधाएं, जिनमें स्वच्छ वातावरण, पौष्टिक भोजन, नियमित चिकित्सा जाँच और शिक्षा के अवसर भी सम्मिलित हैं, को बिना किसी व्यवधान के प्रदान किया जाना सुनिश्चित की जाए। निरीक्षण में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव, जेल अधीक्षक, जेल के अधिकारी एवं कर्मचारीगण तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पैरालीगल वालेंटियर उपस्थित रहे।

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