जल जीवन मिशन ने बदली तस्वीर, पेयजल के लिए हैंडपंप और नदी पर निर्भरता खत्म की

Hemkumar
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रायपुर। गांव की किसान खबरें

जल जीवन मिशन दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में भी पेयजल व्यवस्था की तस्वीर बदल रही है। छत्तीसगढ़ सरकार की नियद नेल्ला नार योजना और भारत सरकार के जल जीवन मिशन से घने जंगलों के बीच बसा बीजापुर जिले के उसूर विकासखण्ड का गुंजेपर्ती अब जल समृद्ध गांव बन गया है। ग्राम पंचायत गलगम के करीब 80 घरों वाले इस आश्रित गांव में जल जीवन मिशन ने पेयजल के लिए हैंडपंपों और नदी पर निर्भरता खत्म कर दी है। वहां के सभी घरों में पाइपलाइनों के जरिए नल से स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल पहुंच रहा है। जल जीवन मिशन न केवल ग्रामीणों की प्यास बुझा रहा है, बल्कि कई परिवार अतिरिक्त जल का सदुपपयोग कर अपने घरों में सब्जी-भाजी भी उगा रहे हैं। अतिरिक्त जल और उपयोग किए हुए जल के प्रबंधन से गांव साफ-सुथरा हुआ है और गांववालों का स्वास्थ्य भी सुधरा है। इससे जल के उपयोग के प्रति ग्रामीणों में जागरूकता भी बढ़ी है।

जल जीवन मिशन के तहत गुंजेपर्ती में पेयजल की आपूर्ति के लिए 21 लाख रुपए से अधिक की लागत से 3262 मीटर पाइपलाइन बिछाई गई है। वहां सौर ऊर्जा से संचालित तीन जल आपूर्ति सिस्टम भी स्थापित किए गए हैं। पहले यहां के लोग पानी की सभी जरूरतों के लिए हैण्डपंपों और नदी पर ही निर्भर थे। पानी की व्यवस्था के लिए महिलाओं को रोज घर से दूर हैंडपंप या नदी तक जाना पड़ता था। इसमें प्रतिदिन उनका बहुत सा समय यूं ही निकल जाता था। पर अब जल जीवन मिशन से उनके घर-आंगन तक नल से पानी पहुंच रहा है। हाल ही में गुंजेपर्ती में आयोजित ग्रामसभा में शत प्रतिशत हर घर जल प्रमाणीकरण किया गया है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा ग्राम पंचायत को जल आपूर्ति प्रणाली के संचालन, प्रबंधन और निगरानी की जिम्मेदारी भी हस्तांतरित की गई है।

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