कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस के अवसर पर 16 मार्च 2026 से जिले में एचपीवी टीकाकरण का शुभारंभ जिला चिकित्सालय राजनांदगांव से किया जाएगा। जिले में एचपीवी वैक्सीनेशन के लिए कुल 32 स्वास्थ्य केन्द्रों को चिन्हांकित किया गया है, जहां लगभग 10 हजार 500 लाभार्थियों को टीकाकरण किया जाएगा।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया कि भारत में महिलाओं में होने वाले कैंसरों में सर्वाइकल कैंसर दूसरा सबसे अधिक पाया जाने वाला कैंसर है। राष्ट्रीय कैंसर रजिस्ट्री कार्यक्रम (एनसीआरपी) 2022 के अनुसार प्रतिवर्ष लगभग 11.6 लाख महिलाओं में कैंसर के नए मामले पाए जाते हैं। उन्होंने बताया कि सर्वाइकल कैंसर से बचाव के उद्देश्य से एचपीवी टीकाकरण किया जा रहा है। इसके अंतर्गत ऐसी सभी किशोरियां पात्र होंगी, जिन्होंने अपना 14वां जन्मदिन मना लिया है, किंतु अभी 15वां जन्मदिन नहीं मनाया है। शासकीय स्वास्थ्य केन्द्रों में एचपीवी टीकाकरण नि:शुल्क उपलब्ध रहेगा। अभिभावक अपनी पात्र किशोरियों का पंजीकरण युवीन पोर्टल के माध्यम से करा सकते हैं। सीएमएचओ डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया कि एचपीवी टीकाकरण के बाद सामान्यत: हल्का दर्द, सूजन, ललिमा या बुखार जैसे हल्के प्रतिकूल प्रभाव हो सकते हैं, जो सामान्य रूप से 2 से 3 दिनों में पैरासिटामोल की दवा से ठीक हो जाते हैं। टीकाकरण के बाद लाभार्थियों को 30 मिनट तक ऑब्जर्वेशन रूम में रखा जाएगा, ताकि किसी भी प्रतिकूल प्रभाव का उचित प्रबंधन किया जा सके। उन्होंने बताया कि यह टीका पूरी तरह सुरक्षित है और विश्व भर में करोड़ों लोगों को लगाया जा चुका है। टीकाकरण सत्र चिकित्सा अधिकारी की उपस्थिति में आयोजित किया जाएगा। आयु के प्रमाण के लिए आधार कार्ड या अन्य फोटो पहचान पत्र मान्य होंगे। पहचान पत्र उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में माता-पिता द्वारा हस्ताक्षरित शपथ पत्र भी मान्य किया जाएगा।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया कि भारत में महिलाओं में होने वाले कैंसरों में सर्वाइकल कैंसर दूसरा सबसे अधिक पाया जाने वाला कैंसर है। राष्ट्रीय कैंसर रजिस्ट्री कार्यक्रम (एनसीआरपी) 2022 के अनुसार प्रतिवर्ष लगभग 11.6 लाख महिलाओं में कैंसर के नए मामले पाए जाते हैं। उन्होंने बताया कि सर्वाइकल कैंसर से बचाव के उद्देश्य से एचपीवी टीकाकरण किया जा रहा है। इसके अंतर्गत ऐसी सभी किशोरियां पात्र होंगी, जिन्होंने अपना 14वां जन्मदिन मना लिया है, किंतु अभी 15वां जन्मदिन नहीं मनाया है। शासकीय स्वास्थ्य केन्द्रों में एचपीवी टीकाकरण नि:शुल्क उपलब्ध रहेगा। अभिभावक अपनी पात्र किशोरियों का पंजीकरण युवीन पोर्टल के माध्यम से करा सकते हैं। सीएमएचओ डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया कि एचपीवी टीकाकरण के बाद सामान्यत: हल्का दर्द, सूजन, ललिमा या बुखार जैसे हल्के प्रतिकूल प्रभाव हो सकते हैं, जो सामान्य रूप से 2 से 3 दिनों में पैरासिटामोल की दवा से ठीक हो जाते हैं। टीकाकरण के बाद लाभार्थियों को 30 मिनट तक ऑब्जर्वेशन रूम में रखा जाएगा, ताकि किसी भी प्रतिकूल प्रभाव का उचित प्रबंधन किया जा सके। उन्होंने बताया कि यह टीका पूरी तरह सुरक्षित है और विश्व भर में करोड़ों लोगों को लगाया जा चुका है। टीकाकरण सत्र चिकित्सा अधिकारी की उपस्थिति में आयोजित किया जाएगा। आयु के प्रमाण के लिए आधार कार्ड या अन्य फोटो पहचान पत्र मान्य होंगे। पहचान पत्र उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में माता-पिता द्वारा हस्ताक्षरित शपथ पत्र भी मान्य किया जाएगा।
