कभी लेना पड़ता था उधार, लेकिन महतारी वंदन योजना से लोकेश्वरी को मिला संबल

Hemkumar Banjare
  मोहला। गांव की किसान खबरे 
  राज्य सरकार की महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी दे रही है। इसका सकारात्मक प्रभाव अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी दिखाई देने लगा है। छत्तीसगढ़ के मोहला–मानपुर–अम्बागढ़ चौकी जिले के विकासखंड मानपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत संबलपुर की निवासी श्रीमती लोकेश्वरी बाई इसका प्रत्यक्ष उदाहरण हैं। महतारी वंदन योजना से प्राप्त आर्थिक सहयोग ने न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ किया है, बल्कि उनके जीवन में आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की नई राह भी खोली है।
         लोकेश्वरी बाई ने बताया कि वह एक गृहिणी हैं और उनके पति खेती-किसानी का कार्य करते हैं। उनके पास इतनी जमीन भी नहीं है जिससे कृषि कार्य से पर्याप्त आमदनी हो सके। वह और उनके पति अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए खेतों में मजदूरी का कार्य भी करते हैं। इसी से वे अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई का खर्च उठाते हैं।
उन्होंने बताया कि जब से उन्हें महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने 1000 रुपए की राशि मिलनी शुरू हुई है, तब से उनके जीवन में बदलाव आया है। वह बताती हैं कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि को वह अपने बैंक खाते में जमा करके रखती हैं और जब भी पैसों की जरूरत होती है तो बैंक जाकर उसे निकालकर अपनी जरूरतें पूरी करती हैं।

           उन्होंने बताया कि पहले जब पैसों की जरूरत पड़ती थी तो किसी से उधार लेने की स्थिति भी आ जाती थी, लेकिन जब से महतारी वंदन योजना की राशि मिलनी शुरू हुई है तब से उधार लेने की नौबत नहीं आई है। अब उनके दोनों बच्चे अच्छे से पढ़ाई-लिखाई कर पा रहे हैं। उन्हें बच्चों के पेन, कॉपी और किताबों के लिए चिंता नहीं करनी पड़ती।
अब लोकेश्वरी बाई अपने परिवार की जरूरतों को आसानी से पूरा कर पा रही हैं और अपने बच्चों के भविष्य के लिए बचत भी कर रही हैं। लोकेश्वरी बाई ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का धन्यवाद करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना ने उन्हें अपने परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में सहायता दी है, जिससे वह परिवार का खर्च वहन करते हुए आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं।