ग्राम पंचायतों को मिला अविवादित नामांतरण एवं अविवादित बंटवारा का अधिकार, भुइयां पोर्टल से होगी पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन

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दुर्ग। गांव की किसान खबरें 
जिले में राजस्व प्रशासन को अधिक पारदर्शी, सरल और समयबद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। अब अविवादित नामांतरण तथा अविवादित बंटवारा से संबंधित कार्यों के अधिकार राजस्व विभाग के साथ-साथ ग्राम पंचायतों को भी प्रदान कर दिए गए हैं। इससे ग्रामीण स्तर पर ही लोगों के कार्य शीघ्रता से निपटाए जा सकेंगे। इस नई व्यवस्था के तहत अविवादित नामांतरण एवं अविवादित बंटवारा की संपूर्ण प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से भुइयां पोर्टल के जरिए संपन्न की जाएगी। संबंधित ग्राम पंचायतों को इसके लिए अलग-अलग आईडी और पासवर्ड प्रदान किए गए हैं, ताकि ग्राम पंचायत स्तर पर ही आवेदन प्राप्त करने से लेकर प्रक्रिया पूर्ण करने तक का कार्य सुचारू रूप से किया जा सके।
इसी क्रम में आज जिले की सभी ग्राम पंचायतों को आईडी एवं पासवर्ड उपलब्ध कराते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण साईंस कॉलेज स्थित सर्वपल्ली राधाकृष्णन हाल में आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में पटवारी एवं ग्राम पंचायत सचिवों को भुइयां पोर्टल के संचालन, ऑनलाइन प्रक्रिया एवं रिकॉर्ड अपडेट करने की विस्तृत जानकारी दी गई।
लोक सेवा केन्द्र से होगा आवेदन- अब आवेदक अपने नजदीकी लोक सेवा केन्द्र के माध्यम से आवेदन दर्ज करा सकेंगे। विशेष रूप से फौती नामांतरण (मृत्यु उपरांत नामांतरण) एवं अविवादित बंटवारा की प्रक्रिया ऑनलाइन की जाएगी। लोक सेवा केन्द्र में आवेदन दर्ज होते ही संबंधित ग्राम पंचायत सचिव की आईडी में प्रकरण दिखाई देगा।
ईश्तहार और नोटिस अनिवार्यता-फौती नामांतरण के मामलों में सचिव द्वारा ईश्तहार जारी किया जाएगा। ईश्तहार जारी करने के बाद उसे पंचायत भवन में चस्पा कराया जाएगा तथा संबंधित पक्षकारों को विधिवत तामील कराया जाएगा। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार 23 दिनों की प्रतीक्षा अवधि रखी जाएगी। इस दौरान यदि कोई आपत्ति प्राप्त होती है तो नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। यदि निर्धारित समयावधि में कोई आपत्ति नहीं आती है, तो आगे की कार्यवाही करते हुए नामांतरण की प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी।
कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने सभी ग्राम पंचायतों को 20 फरवरी तक अविवादित प्रकरणों के लंबित मामलों का निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने विशेष रूप से निर्देशित किया कि प्रस्ताव एवं पंचनामा तैयार करते समय संबंधित सभी पक्षकारों के नाम स्पष्ट रूप से प्रविष्ट किए जाएं, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की त्रुटि या विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो। इसके लिए पंचायत सचिवों, पटवारियों एवं संबंधित राजस्व अमले को समन्वय के साथ कार्य करने को कहा गया है। जिले में अविवादित नामांतरण एवं बंटवारा प्रकरणों के त्वरित एवं पारदर्शी निराकरण के लिए आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में अतिरिक्त तहसीलदार क्षमा यदु एवं हुलेश्वर खूंटे ने पटवारियों एवं ग्राम पंचायत सचिवों को ऑनलाइन प्रक्रिया की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान संयुक्त कलेक्टर श्रीमती सिल्ली थॉमस, जिला पंचायत सीईओ श्री बजरंग दुबे एवं तहसीलदार प्रफुल्ल गुप्ता उपस्थित थे।