खैरागढ़ । गांव की किसान खबरें
राज्य शासन की किसान-हितैषी नीतियों के तहत संचालित धान खरीदी केंद्रों में इस वर्ष व्यवस्था पहले से अधिक सुव्यवस्थित और पारदर्शी दिखाई दे रही है। 24×7 टोकन प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन से किसानों को समय पर टोकन मिल रहे हैं, जिससे केंद्र में भीड़ नहीं लगती और सभी कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे हो रहे हैं।
केंद्र में तौल, बारदाना वितरण, धान जमा करने और भुगतान के कार्य सुचारू रूप से किए जा रहे हैं। किसानों की सुविधा के लिए छाया, पेयजल, बैठने की व्यवस्था और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया गया है। कर्मचारियों द्वारा मार्गदर्शन मिलने से पहली बार धान बेचने वाले किसानों को भी प्रक्रिया समझने में आसानी हो रही है।
इस सुव्यवस्थित व्यवस्था का लाभ उठाते हुए ग्राम अचानकपुर नवागांव के श्री धनंजय कंवर ने 120 क्विंटल और ग्राम टेकापार की श्रीमती पुष्पा बाई ने 40 क्विंटल धान बेचकर शासन द्वारा निर्धारित 3100 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य का लाभ उठाया। समय पर टोकन और सुव्यवस्थित व्यवस्था के कारण उन्हें बिना विलंब के धान बेचने का अवसर मिला।
किसानों ने मुढ़ीपार धान खरीदी केंद्र की व्यवस्थाओं की सराहना की और कहा कि पारदर्शी खरीदी और समयबद्ध भुगतान से उनका शासन पर विश्वास और मजबूत हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि अब केंद्र केवल धान विक्रय का स्थान नहीं, बल्कि किसानों के सम्मान और सुविधा का प्रतीक बन चुका है।
केंद्र में निरंतर निगरानी और कर्मचारियों की सक्रिय भूमिका से किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो रही है। किसान अब पहले की तुलना में अधिक सहजता और भरोसे के साथ धान बेचने के लिए केंद्र का दौरा कर रहे हैं। यह पहल किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और उनके जीवन को सरल बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम साबित हो रही है।
