खैरागढ़। गांव की किसान खबरें
छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर एवं अध्यक्ष सुषमा सावंत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राजनांदगांव के मार्गदर्शन व निर्देशानुसार व्यवहार न्यायालय खैरागढ़ में अधिवक्ताओं हेतु आज मध्यस्थता विषय को लेकर कार्यशाला का आयोजन किया गया। आयोजित इस कार्यशाला में मध्यस्थता के संबंध में अधिवक्तागणों में जागरूकता लाई गईं। अधिवक्तागण मध्यस्थता को लेकर आयोजित इस कार्यशाला से मध्यस्थता के महत्व एवं उसके त्तौर-तरीके को जान सके।
व्यवहार न्यायालय खैरागढ़ के मध्यस्थता प्रभारी अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री चन्द्र कुमार कश्यप ने बताया कि मध्यस्थता कानूनी जटिलताओं से दूर मतभेदों को दूर करने के लिये यह एक बेहतर और प्रभावी माध्यम है। अधिवक्ता गणों को मध्यस्थता से होने वाले लाभ के विषय में अवगत कराते हुए यह बताया कि मध्यस्थता विवादों के निपटारे की न्यायिक प्रक्रिया से भिन्न एक वैकल्पिक व्यवस्था हैं, जिसमें तीसरे स्वतन्त्र व्यक्ति
अर्थात् प्रशिक्षित मध्यस्थ के द्वारा दोनों पक्षों के बीच अपने सहयोग से उनके सामान्य हितों को देखते हुए समझौता कराये जाने का प्रयास किया जाता है। मध्यस्थता से जिन प्रकरणों का निराकरण होता है, उससे संबंधित कोर्ट फीस पक्षकारों को वापस हो जाती है। यह एक निःशुल्क व्यवस्था है, जिसे किसी भी स्तर पर किया जा सकता है। आगे
13.07.2024 को आयोजित होने वाले नेशनल लोक अदालत में अधिक से अधिक प्रकरणों के निराकरण के संबंध में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री चन्द्र कुमार कश्यप द्वारा संबंधित न्यायाधीश, अधिवक्ताओं, विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं प्रतिनिधियों के साथ लगातार बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिया जा रहा है। लोक अदालत के माध्यम से न्यायालय में राजीनामा योग्य अपराधिक प्रकरणों, धारा- 138, परक्राम्य अधिनियम, मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण, बैंक रिकवरी प्रकरण, सिविल प्रकरण, निष्पादन प्रकरण, विद्युत संबंधी मामलों व पारिवारिक विवाद के मामलों का निराकरण किए जाने चर्चा किया गया ।
साथ ही अन्य विधिक जानकारियाँ प्रदान करते. हुए, अधिवक्ताओं के जिज्ञासाओं का प्रश्नोत्तरी माध्यम से समाधान किया गया।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने व्यवहार न्यायालय खैरागढ़ के सीजेएम विवेक गर्ग , जेएमएससी गुरुप्रसाद देवांगन व ,विधिक स्वयंसेवक गोलूदास, कला प्रजापति , के साथ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अध्यक्ष -सुरेश ठाकुर, सचिव -संदीप दास वैष्णव, - गिरिराज सिँह,अमर यादव,भुनेश्वर वर्मा, -विक्रम यदु, महेश साहू कमलाकांत पांडेय, सुनील पांडेय, मिहिर झा, राजेंद्र जंघेल, शत्रुघ्न वर्मा, सर्वेश ओसवाल, कौसल कोसरे, ज्ञानदास, विशाल, नीरज, रामकुमार जांगड़े, साबरा बानो सुबोध पांडेय, सहित समस्त अधिवक्ता गण उपस्थित थे।
