छत्तीसगढ़ के बजट पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सांसद पाण्डेय ने कहा कि अपने कार्यकाल का अंतिम बजट पेश करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक बार फिर सभी वर्गों को धोखा देने का काम किया है | आज का बजट देख कर यह तो तय है कि “ऋण कृत्वा घृतं पिबेत्” के सिद्धांत पर चलने वाली सरकार के पास ना तो आय का ठिकाना है और ना ही योजनाओ का, बस केंद्र सरकार के पैसे और अलग-अलग एजेंसी से प्राप्त कर्ज के आधार पर लोकलुभावन वादे करना है | विशेषकर पूर्व संचालित चिकित्सा संस्थानों में मुलभुत सुविधा में वृद्धि कर स्तरीय संस्थान बनाने के लिए बजट में प्रावधान शून्य है, एम. आर. आई, सीटी स्कैन, डायलिसिस मशीनों का आभाव होने के साथ ही स्टाफ नर्स तथा विशेषज्ञ चिकित्सको की उपलब्धता की ओर ध्यान शून्य है| सांसद पाण्डेय ने कहा कि मुख्यमंत्री जी अगर आज बजट भाषण के पूर्व अपने चार वर्ष पूर्व का घोषणा पत्र भी पढ़ लेते तो आज विधानसभा में कदम रखने की भी इच्छा खत्म हो जाती |
